देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को देहरादून स्थित ओएनजीसी सामुदायिक केंद्र में आयोजित अखिल भारतीय ऑयल सेक्टर मीट में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए अर्थव्यवस्था, पारिस्थितिकी और प्रौद्योगिकी में समन्वय के साथ कार्य कर रही है।
मुख्यमंत्री स्वरोजगार सौर योजना से ऊर्जा क्षेत्र में नई पहल
सीएम धामी ने बताया कि राज्य में “मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना” के तहत स्वच्छ और हरित ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिल रहा है बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऊर्जा की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो रही है। इस योजना के माध्यम से आम नागरिक भी ऊर्जा उत्पादक बन रहे हैं, जो आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
जलविद्युत परियोजनाएं बना रहीं ऊर्जा हब
उत्तराखंड की भौगोलिक स्थिति जलविद्युत उत्पादन के लिए अत्यंत अनुकूल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि टिहरी, कोटेश्वर, पीपलकोटी, लखवार और विष्णुगढ़ जैसी जलविद्युत परियोजनाएं उत्तराखंड को ऊर्जा हब के रूप में स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इन परियोजनाओं से राज्य को न केवल ऊर्जा सुरक्षा मिल रही है, बल्कि अतिरिक्त ऊर्जा निर्यात कर आर्थिक लाभ भी हो रहा है।
जियोथर्मल ऊर्जा में भी संभावनाएं
सीएम धामी ने बताया कि उत्तराखंड में जियोथर्मल ऊर्जा की भी अपार संभावनाएं हैं। राज्य सरकार इस दिशा में निरंतर शोध एवं निवेश कर रही है ताकि ऊर्जा के इन वैकल्पिक स्रोतों का बेहतर उपयोग किया जा सके।
भारत की ऊर्जा सुरक्षा में ONGC की भूमिका
सीएम धामी ने कहा कि तेल और प्राकृतिक गैस निगम (ONGC) भारत की ऊर्जा सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भारत में कुल कच्चे तेल का 70 प्रतिशत और प्राकृतिक गैस का 84 प्रतिशत उत्पादन ओएनजीसी द्वारा किया जा रहा है। उत्तराखंड में भी ओएनजीसी ने कई परियोजनाएं शुरू की हैं, जिनका लाभ राज्य को मिल रहा है।
2047 तक विकसित भारत का संकल्प
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों के सामने 2047 तक विकसित भारत का संकल्प रखा है। ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहलू है। उन्होंने बताया कि देश में अब ग्रीन हाइड्रोजन, सोलर ऊर्जा और बायो-सीएनजी जैसे वैकल्पिक स्रोतों पर कार्य हो रहा है।
वन नेशन, वन ग्रिड योजना से बढ़ी कनेक्टिविटी
मुख्यमंत्री ने कहा कि “वन नेशन, वन ग्रिड” योजना के अंतर्गत गैस पाइपलाइन और गैस वितरण प्रणाली का विस्तार किया गया है। इससे न केवल उपभोक्ताओं को सुविधा मिली है बल्कि ईंधन की उपलब्धता भी आसान हुई है। इसके साथ ही बायो-सीएनजी संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं, जो हरित ऊर्जा की दिशा में बड़ा कदम है।
उज्ज्वला योजना से समाज में क्रांति
सीएम धामी ने उज्ज्वला योजना की भी सराहना की और कहा कि इसने ग्रामीण और निम्न आयवर्ग के परिवारों को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराकर उनके जीवन में क्रांतिकारी बदलाव किया है। आज हजारों परिवार धुएं से मुक्त होकर स्वस्थ जीवन जी रहे हैं।
तेल और गैस क्षेत्र में विदेशी निवेश भी बढ़ा
मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि भारत ने अब विदेशी निवेश की दिशा में भी कदम बढ़ाए हैं। तेल और प्राकृतिक गैस क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी भारतीय कंपनियां निवेश कर रही हैं, जिससे ऊर्जा के क्षेत्र में भारत की स्थिति और मजबूत हो रही है।
उत्तराखंड में ओएनजीसी के कार्यों से लाभान्वित हो रहा राज्य
अंत में सीएम धामी ने उत्तराखंड में ओएनजीसी के कार्यों की सराहना की और कहा कि कंपनी द्वारा राज्य में किए गए कार्यों से जनता को प्रत्यक्ष लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकार हरित ऊर्जा को और अधिक बढ़ावा देने के लिए नई योजनाएं लाएगी।
निष्कर्ष
उत्तराखंड हरित ऊर्जा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार की योजनाएं, ओएनजीसी का सहयोग और केंद्र सरकार की नीति मिलकर उत्तराखंड को ऊर्जा आत्मनिर्भर और पर्यावरण संतुलित राज्य के रूप में स्थापित कर रही हैं। यदि ये योजनाएं इसी प्रकार जारी रहीं तो आने वाले वर्षों में उत्तराखंड देश का अग्रणी हरित ऊर्जा राज्य बन सकता है।