उत्तराखंड में निवेश का नया अध्याय: अमित शाह ने खुलकर की सीएम धामी की तारीफ
उत्तराखंड में आयोजित निवेश उत्सव ने राज्य के विकास की एक नई कहानी लिख दी है। इस ऐतिहासिक अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की न सिर्फ खुलकर तारीफ की, बल्कि उनके नेतृत्व को ‘पराक्रम’ की संज्ञा भी दी। यह एक ऐसा क्षण था जब राजनीति से ऊपर उठकर विकास और दूरदर्शिता की बात हुई।
‘पराक्रम’ की कसौटी पर खरे उतरे धामी
वर्ष 2023 में जब अमित शाह ने सीएम धामी से ‘पराक्रम’ की बात कही थी, तब उनका आशय केवल कागजी एमओयू पर हस्ताक्षर करना नहीं था, बल्कि उन निवेशों को जमीन पर उतारना था। आज यह सपना साकार होता दिख रहा है। अमित शाह ने सार्वजनिक मंच से उत्तराखंड सरकार की योजनाओं, नीतियों और प्रशासनिक दक्षता की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने जोर देकर कहा कि मुख्यमंत्री धामी ने केवल निवेश आकर्षित नहीं किया, बल्कि पहाड़ी राज्य में उत्तराखंड में निवेश के लिए एक अनुकूल माहौल भी तैयार किया है। शाह के शब्दों में, “उत्तराखंड जैसे राज्य में निवेश लाना पहाड़ चढ़ने जैसा काम होता है, लेकिन धामी जी ने इस धारणा को पूरी तरह बदल दिया है।”
एक लाख करोड़ का निवेश, 81,000 युवाओं को रोजगार
यह किसी चमत्कार से कम नहीं कि आज एक लाख करोड़ रुपये का निवेश धरातल पर नजर आ रहा है। इस उपलब्धि के लिए सीएम धामी और उनकी टीम वाकई बधाई की पात्र है। इसके अलावा, 81,000 से अधिक युवाओं को मिला रोजगार राज्य के भविष्य को नई दिशा देगा। यह आंकड़ा सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के सपनों और आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है। धामी ने उद्योग और पर्यावरण के बीच एक अद्भुत संतुलन बनाकर समग्र विकास सुनिश्चित किया है, जो किसी भी पहाड़ी राज्य के लिए एक बड़ी चुनौती होती है।
‘भाई’ से ‘लोकप्रिय मुख्यमंत्री’ तक: शाह का विश्वास
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने सीएम धामी को कई बार नाम लेकर सराहा। कभी उन्हें “भाई” कहकर संबोधित किया, तो कभी “लोकप्रिय व यशस्वी मुख्यमंत्री” बताया। यह सिर्फ औपचारिकता नहीं थी, बल्कि धामी सरकार के कामकाज और उनकी नीतियों पर केंद्र के गहरे विश्वास को दर्शाता है। उन्होंने उत्तराखंड की नीतियों की ब्रांडिंग करते हुए कहा कि यहां पारदर्शिता, तेजी और दूरदर्शिता के साथ विकास को दिशा दी जा रही है। वहीं दूसरी ओर, इस निवेश उत्सव ने न सिर्फ उत्तराखंड में निवेश का नया रिकॉर्ड बनाया, बल्कि यह भी साबित किया कि राजनीतिक इच्छाशक्ति, स्पष्ट नीतियां और मजबूत नेतृत्व मिलकर कैसे पहाड़ जैसे लक्ष्य भी आसानी से हासिल कर सकते हैं।
केंद्र का पूरा सहयोग: एक उज्ज्वल भविष्य की ओर
गृह मंत्री ने यह भी विश्वास जताया कि उत्तराखंड की प्रगति की इस यात्रा में केंद्र सरकार पूरी मजबूती से राज्य सरकार के साथ खड़ी रहेगी। यह केंद्र और राज्य के बीच सामंजस्य का एक बेहतरीन उदाहरण है, जो भविष्य के लिए बेहद सकारात्मक संकेत देता है। खास बात यह है कि यह उत्तराखंड में निवेश राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा और स्थानीय लोगों के लिए समृद्धि के नए द्वार खोलेगा।
यह उपलब्धि दर्शाती है कि सही नेतृत्व और स्पष्ट दृष्टिकोण से कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। उत्तराखंड अब विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है, और यह सिर्फ शुरुआत है।
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