उत्तराखंड सरकार ने समान नागरिक संहिता (UCC) के तहत नाबालिग अवस्था में हुए विवाहों के रजिस्ट्रेशन पर बड़ा निर्णय लिया है। अब ऐसे विवाह, जिनमें विवाह के समय पति या पत्नी नाबालिग थे लेकिन अब वे बालिग हो चुके हैं, उनका विवाह पंजीकरण नहीं रोका जाएगा।
यह निर्णय मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में लिया गया। बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि विवाह पंजीकरण के लिए जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और राज्य के मैदानी जिलों में विशेष रजिस्ट्रेशन ड्राइव शुरू की जाएगी।
इसके साथ ही सरकार ने जन समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को बिजली के टेढ़े खंभों, लटकती तारों और टूटी पेयजल लाइनों की शीघ्र मरम्मत के निर्देश दिए हैं।
बैठक में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) की प्रगति की भी समीक्षा की गई। ब्लॉक स्तर पर सार्वजनिक स्वास्थ्य इकाइयों की स्थापना तेज गति से करने और उपकरणों की आपूर्ति शीघ्र कराने के आदेश दिए गए।
यह फैसला उत्तराखंड में वैध विवाह पंजीकरण को बढ़ावा देने और नागरिकों को सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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