उत्तराखंड के छोटे शहरों ने स्वच्छता की तस्वीर बदल दी है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2025 के ताजा नतीजों में प्रदेश के 27 नगर निकायों की रैंकिंग में सुधार हुआ है। खास बात यह है कि ऋषिकेश के गंगा घाटों को देश में सबसे स्वच्छ घोषित किया गया, जो प्रदेश के लिए गर्व की बात है।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले शहर
इस बार 50 हजार से 3 लाख आबादी वाले वर्ग में कई शहरों की रैंकिंग में सुधार हुआ है।
- ऋषिकेश – 55वां स्थान
- रुद्रपुर – 349वां स्थान
- डोईवाला – 1219वां स्थान
- पिथौरागढ़ – 2434वां स्थान
वहीं मसूरी (1172), मुनिकीरेती (627) और अल्मोड़ा (2334) जैसे छोटे कस्बों ने भी प्रगति की है।
20 हजार से कम आबादी वाले क्षेत्र
लालकुआं (1697), भीमताल (2857) और विकासनगर (2173) ने भी उल्लेखनीय सुधार किया है। इसी बीच, लालकुआं को “उभरता स्वच्छ शहर” घोषित कर राष्ट्रपति सम्मानित किया गया।
पुरस्कार और श्रेणियां
- लालकुआं, रुद्रपुर, डोईवाला और विकासनगर को कचरा मुक्त शहर श्रेणी में एक स्टार मिला।
- लैंसडौन कैंटोनमेंट बोर्डों में शीर्ष 17वें स्थान पर रहा।
- गंगा टाउन श्रेणी में मुनिकीरेती 17वें, हरिद्वार 18वें और श्रीनगर 30वें स्थान पर रहे।
चुनौतियां भी मौजूद
वहीं दूसरी ओर, देहरादून और मुनिकीरेती की राज्य रैंकिंग में गिरावट आई है। डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण का औसत घटकर 56.6% रह गया है। अब सवाल यह उठता है कि बड़े शहर कब छोटे शहरों से सीख लेकर आगे बढ़ेंगे।
निष्कर्ष
अंत में, यह स्पष्ट है कि छोटे शहर स्वच्छता के क्षेत्र में बदलाव की राह दिखा रहे हैं। बड़े शहरों को भी ठोस कदम उठाने होंगे।
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