4 जुलाई को भी भारतीय शेयर बाजार में ठहराव देखने को मिला, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
भारतीय शेयर बाजार ने आज लगातार छठे दिन सीमित दायरे में कारोबार किया। इस धीमी चाल का प्रमुख कारण भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील में हो रही देरी मानी जा रही है। इसी बीच निवेशकों का मूड सतर्क होता जा रहा है क्योंकि इस डील में देरी की वजह से भारतीय उत्पादों पर अमेरिका में 26% तक का टैरिफ लग सकता है।
कारोबार का हाल: सेंसेक्स-निफ्टी में हल्की बढ़त
- सेंसेक्स 193.42 अंक या 0.23% बढ़कर 83,432.89 पर बंद हुआ।
- निफ्टी-50 इंडेक्स 55.7 अंक या 0.22% की बढ़त के साथ 25,461 के स्तर पर बंद हुआ।
- बाजार ने शुरुआत में थोड़ी मजबूती दिखाई, लेकिन दिनभर रेंज-बाउंड रहा।
खास बात यह है कि निवेशक अब किसी ठोस सकारात्मक संकेत का इंतजार कर रहे हैं, जिससे बाजार की दिशा तय हो सके।
ट्रेड डील की अनिश्चितता बनी चिंता का विषय
वहीं दूसरी ओर, भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह समझौता जल्द नहीं होता है, तो इसका असर भारतीय एक्सपोर्ट सेक्टर और बाजार की चाल पर नकारात्मक हो सकता है।
इसके अलावा, टैरिफ बढ़ने से भारतीय कंपनियों के मुनाफे पर असर पड़ सकता है, जिससे निवेशक रुख बदल सकते हैं।
अब सवाल यह उठता है कि आगे क्या?
- क्या भारत और अमेरिका जल्द ट्रेड डील पर सहमति बना पाएंगे?
- क्या बाजार को कोई सकारात्मक संकेत मिलेगा?
- क्या विदेशी निवेशकों का भरोसा बना रहेगा?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में बाजार की दिशा तय करेंगे।
✅ निष्कर्ष: संयम से लें निवेश के फैसले
अंत में, बाजार में अनिश्चितता के इस दौर में निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे सोच-समझकर और विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही कोई कदम उठाएं। लंबी अवधि के निवेशक अभी घबराएं नहीं, बल्कि बाजार की दिशा साफ होने का इंतजार करें।
📢 अगर आपको यह लेख उपयोगी लगा हो तो इसे शेयर करें और Realtime Voice को फॉलो करें वित्त और बाजार से जुड़ी हर खबर के लिए।
ताज़ा अपडेट्स के लिए जुड़े रहें Realtime Voice के साथ।
Ask ChatGPT