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नीलकंठ में कांवड़ियों का सैलाब: 3.88 लाख ने किया जलाभिषेक

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नीलकंठ में कांवड़ियों का सैलाब: सावन में एक दिन में 3.88 लाख श्रद्धालुओं ने किया जलाभिषेक

सावन का महीना आते ही भगवान शिव के भक्तों की आस्था का अद्भुत नज़ारा पूरे उत्तर भारत में देखने को मिलता है। इसी बीच, नीलकंठ महादेव मंदिर में इस बार श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा है। खास बात यह है कि केवल एक दिन में 3.88 लाख कांवड़ियों ने जलाभिषेक कर इतिहास रच दिया।

नीलकंठ क्यों है शिवभक्तों का सबसे बड़ा तीर्थस्थान?

भगवान शिव का यह पवित्र धाम, समुद्र मंथन की कथा से जुड़ा है। मान्यता है कि जब विष निकला था, तब शिव ने इसे पिया और उनके कंठ का रंग नीला हो गया। तभी से यह स्थान नीलकंठ महादेव कहलाता है। यहां सावन में जल चढ़ाने का विशेष महत्व है, और यही वजह है कि हर साल लाखों कांवड़िए यहां पहुंचते हैं।

कांवड़ यात्रा 2025: आस्था का जनसैलाब

हरिद्वार, ऋषिकेश और आस-पास के क्षेत्रों से लाखों भक्त गंगाजल लेकर नीलकंठ पहुंचते हैं। इस बार प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार:

  • 3.88 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने सोमवार को जलाभिषेक किया।
  • आने वाले हफ्तों में यह संख्या 50 लाख पार कर सकती है।
  • मंदिर परिसर और यात्रा मार्ग को रोशनियों और सुरक्षा बैरिकेड से सजाया गया है।

इस बीच, “बोल बम” के जयकारों से गूंजती सड़कों पर श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम दिख रहा है।

प्रशासन की विशेष व्यवस्थाएं

कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती होती है। इसलिए:

  • अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
  • CCTV निगरानी और ड्रोन कैमरों से रीयल-टाइम मॉनिटरिंग।
  • मेडिकल कैंप, एंबुलेंस और रेस्क्यू टीमें 24 घंटे सक्रिय।

वहीं दूसरी ओर, ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए वैकल्पिक रूट बनाए गए हैं।


रीयल-टाइम अपडेट्स (आज सुबह तक)

ट्रैफिक अलर्ट: हरिद्वार-ऋषिकेश मार्ग पर भारी भीड़, प्रशासन ने 4 वैकल्पिक रूट खोले।
मौसम: हल्की बारिश की संभावना, कांवड़ियों से सतर्क रहने की अपील।
सुरक्षा: अब तक कोई बड़ी घटना नहीं, लेकिन हेल्पलाइन 24×7 सक्रिय।

(यह सेक्शन आप अपनी वेबसाइट पर ऑटो-अपडेट कर सकते हैं)

श्रद्धालुओं के लिए जरूरी निर्देश

  • निर्धारित रूट से ही यात्रा करें।
  • अधिक भीड़ वाले क्षेत्रों में सावधानी रखें।
  • हेल्पलाइन नंबर: 108 (मेडिकल), 112 (आपातकालीन)

FAQs

प्रश्न 1: नीलकंठ महादेव मंदिर में सबसे ज्यादा भीड़ कब होती है?
उत्तर: सावन के सोमवार को सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है।

प्रश्न 2: प्रशासन ने कौन-कौन सी व्यवस्थाएं की हैं?
उत्तर: अतिरिक्त पुलिस बल, मेडिकल कैंप, CCTV निगरानी और ड्रोन कैमरे।

प्रश्न 3: कांवड़ यात्रा में किन बातों का ध्यान रखें?
उत्तर: हाइड्रेटेड रहें, हेल्पलाइन नंबर सेव रखें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।

यह कहना गलत नहीं होगा कि नीलकंठ में कांवड़ियों का सैलाब केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सकारात्मकता का संदेश भी है।

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