हरिद्वार मनसा देवी भगदड़ में 6 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल; सीएम ने किया मुआवजे का ऐलान
रविवार को हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल तब बन गया जब अचानक करंट फैलने की अफवाह से श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। इस दुखद हादसे में छह श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह करीब 9 बजे जब श्रद्धालु मंदिर की चढ़ाई कर रहे थे, तभी अचानक किसी ने करंट फैलने की अफवाह फैला दी। इसके बाद लोग घबराकर एक-दूसरे पर गिर पड़े, जिससे भगदड़ मच गई। चीख-पुकार के बीच कई लोग दब गए और स्थिति बेकाबू हो गई।
- हादसे में 6 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है।
- 35 से अधिक श्रद्धालु घायल, जिनमें गंभीर को हायर सेंटर रेफर किया गया।
- मौके पर राहत-बचाव कार्य जारी है।
गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे ने बताया कि भीड़ के कारण स्थिति बिगड़ी और अफवाह ने हालात और खराब कर दिए। वहीं, एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कहा कि घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
राहत और बचाव कार्य
एसडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए 108 सेवा की सात एंबुलेंस और ‘खुशियों की सवारी’ की दो एंबुलेंस तैनात की गईं। इससे समय पर प्राथमिक उपचार संभव हो सका।
सीएम धामी का बयान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट कर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा:
“हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर मार्ग में भगदड़ का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। मैं लगातार स्थिति पर नजर रखे हूं। माता रानी से सभी श्रद्धालुओं के सकुशल होने की प्रार्थना करता हूं।”
इसके अलावा, सीएम ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे का ऐलान किया है। राशि और सहायता का विवरण जल्द जारी किया जाएगा।
अब सवाल यह उठता है
क्या धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाते हैं? इस तरह की घटनाएं सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
✅ हमारी अपील: ऐसे हादसों से बचने के लिए अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।
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