धराली त्रासदी: हेलीकॉप्टर से 1313 लोगों का बचाव, राहत कार्य जारी
उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित धराली और हर्षिल क्षेत्रों में रविवार को राहत-बचाव कार्य छठे दिन भी जारी रहा। हेलीकॉप्टर, चिनूक और एमआई-17 के ज़रिए 185 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, जिससे अब तक कुल 1313 लोगों को बचाया जा चुका है। इनमें बड़ी संख्या में बाहरी राज्यों के तीर्थयात्री शामिल हैं।
गंगोत्री हाईवे पर लिमचीगाड़ में बैली ब्रिज का निर्माण बीआरओ ने पूरा कर लिया, जिससे देर शाम तक आवागमन बहाल होने की उम्मीद है। वहीं, मलबे से ढके धराली को तीन सेक्टर—ए, बी और सी—में बांटकर लापता लोगों की तलाश की जा रही है। एनडीआरएफ की 114 सदस्यीय टीम, डॉग स्क्वॉड, सेना और एसडीआरएफ आधुनिक उपकरणों जैसे विक्टिम लोकेटिंग कैमरा और थर्मल इमेजिंग कैमरे के साथ खोज अभियान चला रहे हैं।
5 अगस्त को खीरगंगा नदी में आई बाढ़ के बाद अब तक एक शव बरामद हुआ है, जबकि सेना के 9 जवान समेत 19 लोग आधिकारिक रूप से लापता हैं। चश्मदीदों का कहना है कि वास्तविक संख्या 100 से अधिक हो सकती है।
जिलाधिकारी प्रशांत कुमार आर्य ने प्रभावित क्षेत्र में बिजली, पानी और संचार सेवाओं की बहाली युद्धस्तर पर करने की बात कही। गंगोत्री हाईवे की पूरी मरम्मत में एक-दो दिन का समय और लग सकता है।
इस बीच, डॉग स्क्वॉड के एक कुत्ते ने मलबे में संभावित सुराग पाकर खुदाई की, हालांकि वहां से कोई व्यक्ति नहीं मिला। उत्तरकाशी आपदा राहत जन मंच ने 38 लापता लोगों की सूची तैयार की थी, जिसमें से 8 लोगों के मिलने की पुष्टि हुई है। प्रशासन के साथ यह सूची साझा की जा रही है।
निष्कर्ष: धराली त्रासदी ने जहां लोगों को गहरा दर्द दिया है, वहीं राहत कार्यों ने यह साबित कर दिया है कि समय पर उठाए गए कदम कई जिंदगियां बचा सकते हैं। सरकार और स्थानीय प्रशासन अब पुनर्वास और स्थायी समाधान की दिशा में काम कर रहे हैं।
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